Narma ki fasal kaise BOI jaati hai
जो खेत नरमे के लिए पड़त रखे गये हैं उनकी तैयारी पिछली फसल काटते ही शुरू कर देनी चाहिए| गेहूं के बाद नरमा लेने के लिए गेहूं काटते ही खेत की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए| ऐसे खतों में समय पर दो से तीन जुताई करके खेत को तैयार कर लें| गेहूं की फसल की कटाई के बाद एक गहरी जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से कर 2 से 3 जुताई कल्टीवेटर से करना लाभप्रद रहता है| मिट्टी पलटने वाले हल से पहली गहरी जुताई करना लाभप्रद है|
नरमे के लिए पलेवा की गहरी सिंचाई करना आवश्यक है| पलेवा के बाद जुताई करने से पहले दीमक प्रभावित खेतों में क्यूनालफॉस 4 प्रतिशत चूर्ण या मिथाईल पैराथियान 2 प्रतिशत चूर्ण 6 किलो प्रति बीघा की दर से डालना चाहिए| बुवाई दिन के ठण्डे समय में करनी चाहिए, जिससे खेत की नमी कम उड़े एवं बीज का जमाव अच्छा हो सके|
जिन खेतों में बालू उड़ने से पौधों के मरने की समस्या है, उनमें रबी की फसल को कटाई के बाद खेत को बिना जुताई किए डण्ठल छांट कर पलेवा करने से फसल का बचाव किया जा सकता है|
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